जमीन रजिस्ट्री के नए नियम लागू, जरूरी हुए ये 5 दस्तावेज Land Registry Document

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Land Registry Document: देश में भूमि लेन-देन में लगातार बढ़ते फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी को देखते हुए केंद्र सरकार ने जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं। अब रजिस्ट्री से जुड़े नियम पहले से ज्यादा सख्त और पारदर्शी कर दिए गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में एक ही जमीन को कई लोगों के नाम बेचने जैसी घटनाओं के बाद सरकार ने नए दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं, जिनका असर देशभर में तुरंत दिखाई देने लगा है।

Land Registry Document

सरकार ने नए नियमों में खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि संपत्ति लेन-देन पूरी तरह रिकॉर्ड में रहे और टैक्स संबंधित विवाद न उत्पन्न हों। इसके साथ ही दोनों पक्षों की पासपोर्ट-साइज फोटो भी रजिस्ट्री के साथ जमा करना जरूरी होगा, जिससे भविष्य में पहचान से जुड़े किसी विवाद की गुंजाइश न रहे।

आधार कार्ड और सभी संपत्ति दस्तावेज दिखाना होगा जरूरी

पहचान सत्यापन के लिए आधार कार्ड अब भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। इसके अलावा संपत्ति से जुड़े मूल दस्तावेज — जैसे खसरा नंबर, खतौनी, भू-नक्शा और सेल एग्रीमेंट — रजिस्ट्री के समय प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इन दस्तावेजों की मदद से भूमि का सही स्वामित्व और सत्यता तुरंत पुष्टि हो सकेगी।

टैक्स और बकाया देनदारी का पूरा हिसाब देना होगा

नियमों के अनुसार जिस संपत्ति पर कोई टैक्स बकाया है या कोई सरकारी देनदारी लंबित है, उसकी रसीदें भी रजिस्ट्री के समय जमा करनी होंगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि खरीदार पर भविष्य में किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय बोझ न आए। जब तक संबंधित विभाग सभी वित्तीय रिकॉर्ड की पुष्टि नहीं कर देता, तब तक रजिस्ट्री आगे नहीं बढ़ेगी।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से पूरी तरह बदलेगा रजिस्ट्री सिस्टम

केंद्र सरकार ने भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करने का फैसला किया है। अब तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो जाएगी क्योंकि चालान जनरेट करने, दस्तावेज अपलोड करने और रजिस्ट्री की अंतिम पुष्टि तक की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी। डिजिटल सिस्टम से न केवल समय की बचत होगी बल्कि बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

बढ़ते फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगेगी रोक

नए नियमों का सबसे बड़ा उद्देश्य जमीन की खरीद-फरोख्त को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। डिजिटल दस्तावेज सत्यापन से अब एक ही जमीन को दो या अधिक व्यक्तियों को बेचने जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगेगी। इससे न केवल खरीदार सुरक्षित होगा, बल्कि संपत्ति बाजार में विश्वास भी बढ़ेगा।

खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए बढ़ी सुरक्षा

अपडेट किए गए नियमों के बाद भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया दोनों पक्षों के लिए अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद हो गई है। खरीदार को अब यह विश्वास रहेगा कि जिस संपत्ति में वह निवेश कर रहा है, उसके सभी दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य और सत्यापित हैं। वहीं विक्रेता के लिए भी प्रक्रिया सरल हो जाएगी क्योंकि डिजिटल रिकॉर्ड से कोई गलतफहमी या विवाद की स्थिति पैदा नहीं होगी।

राज्यों के अनुसार प्रक्रिया में थोड़ा अंतर संभव

हालांकि ये दिशा-निर्देश केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए हैं, लेकिन राज्यों की नीतियों के अनुसार भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया में थोड़े-बहुत अंतर हो सकते हैं। इसलिए नागरिकों को सलाह दी जाती है कि रजिस्ट्री से पहले अपने स्थानीय तहसील कार्यालय या राजस्व विभाग से ताज़ा जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Leave a Comment

WhatsApp Group